"उठो तो ऐसे उठो फक्र हो बुलंदी को भी, झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ करे ।"
Utho to aise utho phakr ho bulandee ko bhee, jhuko to aise jhuko bandagee bhee naaz kare.
If you rise, then rise in such a way that even the height should be proud, if you bow down, then bow down in such a way that worship should also be proud.
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दिल के कोने से एक आवाज़ आती है, हमें हर पल उनकी याद आती है, दिल पुछता ह...
मेरा बस चले तो मैं आपको काजल लगा के देखूं, कही आपको मेरी नजर ना लग जा�...
उठो तो ऐसे उठो फक्र हो बुलंदी को भी, झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ क�...
आईना देखोगे तो मेरी याद आएगी, साथ गुज़री वो मुलाकात याद आएगी, पल भर क...
हर रोज़ गिरकर भी मुकमल खड़े है, ए जिंदगी देख मेरे होंसले तुझसे भी बड़े ह...
थोड़ा डूबूँगा, मगर मैं फिर तैर आऊँगा, ऐ ज़िंदगी, तू देख, मै फिर जीत जा�...
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उठो तो ऐसे उठो फक्र हो बुलंदी को भी, झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ क�...
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किसी को नजरों में न बसाओ, क्योंकि नजरों में सिर्फ सपने बसते हैं, बसा�...
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तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे, तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंग�...
उठो तो ऐसे उठो फक्र हो बुलंदी को भी, झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ क�...
तुम्हारा इस कदर असर हुआ है मुझ पर आजकल बिना वजह मुस्कुराने लगता हूं...
उठो तो ऐसे उठो फक्र हो बुलंदी को भी, झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ क�...
थोड़ा डूबूँगा, मगर मैं फिर तैर आऊँगा, ऐ ज़िंदगी, तू देख, मै फिर जीत जा�...